राजनाथ सिंह 3 दिन के दौरे पर बर्लिन जा रहे हैं, होगी बड़ी पनडुब्बी डील – Defence Minister Rajnath Singh Germany Visit Project 75I Submarine Deal


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 21 अप्रैल से जर्मनी के तीन दिन के आधिकारिक दौरे पर जा रहे हैं. इस दौरे का मुख्य मकसद भारत और जर्मनी के बीच रक्षा उद्योग को और मजबूत करना है. साथ ही भारत की पनडुब्बी खरीद परियोजना को आगे बढ़ाना है. रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि इस यात्रा में पनडुब्बी डील, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने पर खास चर्चा होगी.

21 अप्रैल को राजनाथ सिंह जर्मनी पहुंचेंगे. अगले दिन यानी 22 अप्रैल को बर्लिन में वे जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरीस पिस्टोरियस से औपचारिक बैठक करेंगे. दोनों देशों के अधिकारी एक साथ बैठकर चर्चा करेंगे. इस बैठक में भारत की प्रोजेक्ट-75आई पनडुब्बी परियोजना सबसे ऊपर रहेगी.

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भारत इस परियोजना के तहत 6 आधुनिक पनडुब्बियां बनाना चाहता है. ये पनडुब्बियां एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) वाली होंगी, जो लंबे समय तक पानी के अंदर रह सकती हैं. जर्मनी की कंपनी थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (Thyssenkrupp Marine Systems) इस डील की दावेदार है. उसने भारत की मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के साथ मिलकर बोली लगाई है.

राजनाथ सिंह का जर्मनी दौरा

दोनों पक्ष प्रोजेक्ट-75आई की प्रगति की समीक्षा करेंगे. इसमें टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, भारत में ही निर्माण और समयसीमा पर बात होगी. भारत चाहता है कि जर्मनी अपनी उन्नत तकनीक भारत को दे और पनडुब्बियां पूरी तरह भारत में ही बने. यह डील भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.

पनडुब्बी के अलावा दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, रक्षा अनुसंधान और विकास (R&D) तथा दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त प्रशिक्षण पर भी चर्चा करेंगे. भारत और जर्मनी दोनों ही क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों को लेकर चिंतित हैं. इसलिए समुद्री सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाने की कोशिश की जाएगी.

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23 अप्रैल को उद्योगपतियों से मुलाकात

23 अप्रैल को राजनाथ सिंह बर्लिन में जर्मनी के रक्षा उद्योग के बड़े नेताओं और सीईओ से मिलेंगे. यहां मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पर खास फोकस रहेगा. भारत जर्मनी की कंपनियों को आमंत्रित करेगा कि वे भारत में आकर पनडुब्बी, नौसेना के सिस्टम, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले सिस्टम और एयरोस्पेस पार्ट्स को मिलकर बनाएं.

राजनाथ सिंह का जर्मनी दौरा

राजनाथ सिंह जर्मनी को भारत के डिफेंस कॉरिजोर में निवेश करने का निमंत्रण देंगे. ये गलियारे उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में हैं. साथ ही छोटी-मोटी जर्मन कंपनियों को भारतीय सप्लाई चेन में शामिल करने की बात भी होगी.

इस दौरान राजनाथ सिंह जर्मनी के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और नीति-निर्माताओं से भी अलग से मुलाकात करेंगे. दोनों पक्ष लंबे समय के रणनीतिक सहयोग, सप्लाई चेन को मजबूत बनाने और दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकी (dual-use technologies) पर चर्चा करेंगे. इससे दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ेगा और भविष्य में रक्षा सौदे आसान होंगे.

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24 अप्रैल को दौरा खत्म होगा. उस दिन राजनाथ सिंह जर्मनी के प्रमुख रक्षा संस्थानों और थिंक टैंकों में जाएंगे. वहां संयुक्त शोध, साइबर सुरक्षा, स्पेस सहयोग और निर्यात नियंत्रण प्रक्रिया को आसान बनाने पर चर्चा होगी. दोनों देश एक नया समझौता पर काम कर रहे हैं, जिसे बढ़े हुए रक्षा-औद्योगिक सहयोग के लिए देखा जाएगा.

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