कैमरन ग्रीन का नाम इस वक्त कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के ड्रेसिंग रूम में शायद उतनी ही बेचैनी पैदा कर रहा है, जितनी उम्मीदें उसने नीलामी में जगाई थीं. ₹25.20 करोड़ का जैकपॉट अब तक टीम के लिए जैकपॉट नहीं, बल्कि जैकपेन साबित होता दिख रहा है.
जिस प्लेयर को टीम ने IPL इतिहास का सबसे महंगा विदेशी खिलाड़ी बनाकर खरीदा, वही अब तक टीम की सबसे कमजोर कड़ी नजर आ रहा है. आंकड़े भी यही गवाही दे रहे हैं कि ग्रीन ने इस सीजन की शुरुआती 5 पारियों में सिर्फ 56 रन बनाए हैं. इसे ऐसे समझिए कि ₹25.20 करोड़ का खिलाड़ी, और 5 मैचों में 56 रन, मतलब हर रन की कीमत लाखों में. क्रिकेट के मैदान पर ये आंकड़ा सिर्फ कम नहीं, बल्कि सीधे टीम के संतुलन को तोड़ देता है.
और मामला सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं है. चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच में ग्रीन ने गेंद से भी उम्मीदें तोड़ीं. उन्होंने 2 ओवर में 30 रन लुटाए और एक भी विकेट नहीं लिया. जिस खिलाड़ी से दोहरी भूमिका निभाने की उम्मीद थी, वो दोनों ही मोर्चों पर बेअसर रहा. इस फ्लॉप शो की कड़वी बात ये भी है कि ग्रीन को X-factor के तौर पर टीम में शामिल किया गया था. आखिर उनका रोल क्या है? बल्लेबाज? फिनिशर? ऑलराउंडर? या सिर्फ एक महंगा प्रयोग?
आधे फिट खिलाड़ी पर पूरा दांव
KKR की हालत इस समय वैसी ही है जैसे किसी ने महंगी स्पोर्ट्स कार खरीदी हो, लेकिन स्टार्ट ही न हो रही हो. ग्रीन का मामला भी कुछ ऐसा ही लगता है- इंजन है, ताकत है, लेकिन प्रदर्शन की चाबी कहीं खो गई है. दरअसल, इसके पीछे एक बड़ी वजह भी है कि ग्रीन चोट से वापसी कर रहे हैं और IPL से पहले ज्यादा क्रिकेट नहीं खेल पाए थे. ऐसे में KKR ने एक अनफिट या आधे फिट खिलाड़ी पर पूरा दांव लगा दिया. अब सवाल उठता है कि क्या ये रणनीति थी या जल्दबाजी?
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एक और चीज ये है कि 25.20 करोड़ रुपये में बिके खिलाड़ी पर दबाव किस स्तर का होता होगा. मगर दूसरी ओर कैमरन ग्रीन जैसे अनुभवी और पके हुए खिलाड़ी से ऐसी अपेक्षा की भी नहीं जा सकती है कि वो ऐसे दबाव के चलते अपनी परफॉरमेंस का ग्राफ यूं गिरने देंगे. फिलहाल जो तस्वीर बनती हुई नजर आती है, उसमें कैमरन ग्रीन को बेहद असहजता के साथ कोलकाता नाइट राइडर्स के ड्रेसिंग रूम में बैठा हुआ देखा जा सकता है. लगभग हर आंख, दबी जुबान में ही सही, उनसे सवाल पूछती नजर आ रही होगी. ये कहा जा सकता है कि कैमरन ग्रीन की शुरुआती असफलता ने, जिसमें एक गोल्डेन डक भी शामिल है, उनपर दबाव दाल दिया है. और इस दबाव का मूल्य है 25 करोड़ 20 लाख रुपये. आईपीएल का अबतक का सबसे महंगा दबाव.
और यही सवाल अब सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट एक्सपर्ट्स तक पूछ रहे हैं. फैंस तो मीम्स के जरिए अपना गुस्सा निकाल ही रहे हैं. क्योंकि जब टीम हार रही हो और सबसे महंगा खिलाड़ी योगदान न दे पाए तो निशाना वही बनता है.
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अगर आंकड़ों को थोड़ा और गहराई से देखें तो तस्वीर और साफ होती है. KKR इस वक्त पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे है. टीम ने शुरुआती मुकाबलों में जीत का खाता तक नहीं खोला और 5 मैचों में 4 हार के बाद केवल 1 अंक (एक मैच बारिश से धुला) ही जुटा पाई है. टीम का पूरा प्लान ही पटरी से उतर गया है और उसमें ग्रीन का रोल छोटा नहीं, बल्कि बड़ा है.
मौका बड़ा, प्रदर्शन छोटा
कुछ दूसरे आंकड़ों पर भी नजर डालनी होगी. आईपीएल 2026 में खेले गए 22 मैचों के बाद रिकॉर्ड बुक ये कहती है कि टूर्नामेंट में रन बनाने की लिस्ट में कैमरन ग्रीन 53वें नंबर पर आते हैं. गेंदबाजी के मामले में तो ग्रीन कहीं नजर ही नहीं आते हैं. शुरुआती मैचों में कुछ समस्याओं के चलते वो बॉलिंग के लिए उपलब्ध नहीं थे. फिर बीते 2 मैचों में, लखनऊ और चेन्नई के खिलाफ वो गेंदबाजी के लिए आए जरूर, मगर उन्होंने दोनों मैचों में 2-2 ओवर ही फेंके, जिसमें उन्हें 1 विकेट नसीब हो सका. कैमरन की गेंदबाजी को लेकर अभी भी उहापोह की स्थिति बनी हुई है. केकेआर के पहले ही मैच के बाद उनकी गेंदबाजी को लेकर अमूमन शांत रहने वाले कप्तान अजिंक्य रहाने की झल्लाहट भरी बात सुनकर ये साफ हो गया था कि पर्दे के पीछे कुछ ऐसा खेल हो रहा था, जिसने केकेआर को परेशान करके रखा हुआ था.
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क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि बड़े खिलाड़ी बड़े मौकों पर खड़े होते हैं, लेकिन फिलहाल ग्रीन का मामला उल्टा नजर आ रहा है. मौका बड़ा है, कीमत बड़ी है, लेकिन प्रदर्शन छोटा पड़ गया है. हालांकि, टीम मैनेजमेंट अभी भी उम्मीद छोड़ने को तैयार नहीं है. कोचिंग स्टाफ का मानना है कि ग्रीन क्वालिटी प्लेयर हैं और वापसी कर सकते है, लेकिन बैक टु बैक हार ग्रीन को प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप करने की भी नौबत आ सकती है. अगर जल्द बदलाव नहीं हुआ तो ₹25 करोड़ का ये दांव KKR के सीजन को डुबो सकता है. आखिर, जीत और हार खिलाड़ी के प्रदर्शन पर निर्भर करती है, उसके खरीदे जाने की रकम पर नहीं.
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