जोखिम भरा सफर… पाकिस्तान का तेल टैंकर अमेरिकी नाकेबंदी के बीच होर्मुज पार कर निकला – pakistan tanker exits hormuz strait us blockade iran oil supply gulf oman shipping crisis NTC agkp

ByCrank10

April 17, 2026 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


अमेरिका ने होर्मुज की खाड़ी पर नाकेबंदी लगाई हुई है यानी उसने इस समुद्री रास्ते को बंद कर दिया है. इस नाकेबंदी के बाद पहली बार एक जहाज इस रास्ते से सफलतापूर्वक बाहर निकला है. यह जहाज पाकिस्तान का है और इसका नाम है शलामार. यह खबर इसलिए बड़ी है क्योंकि पिछले कई हफ्तों से इस रास्ते से जहाजों का निकलना लगभग बंद हो गया है.

शालामार पाकिस्तान के कराची बंदरगाह की तरफ जा रहा है जहां यह रविवार को पहुंचेगा और तेल उतारेगा. यह जहाज पिछले रविवार को ही खाड़ी के अंदर आया था. तब अमेरिका की नाकेबंदी पूरी तरह लागू नहीं हुई थी.

जैसे ही सोमवार को नाकेबंदी हुई, जहाज मालिकों ने खतरा देखते हुए अपने जहाज रोक लिए. लेकिन शलामार ने गुरुवार को ईरान के लारक द्वीप के दक्षिण से होकर गुजरते हुए खाड़ी से बाहर निकलने में कामयाबी पाई. ऐसा लगता है कि इसे ईरान की तरफ से कुछ पाकिस्तानी जहाजों के लिए खास मंजूरी मिली थी.

नाकेबंदी के बाद बाकी जहाजों का क्या हुआ?

अमेरिकी नाकेबंदी के बाद से अब तक बहुत कम जहाज ही इस रास्ते से गुजरने की हिम्मत जुटा पाए हैं. अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने बताया कि सिर्फ तीन दिनों में 14 जहाजों ने रास्ते से वापस मुड़ना पड़ा यानी वो खाड़ी से बाहर निकलने की कोशिश में थे लेकिन डरकर वापस आ गए. अभी हर दिन गुजरने वाले जहाजों की संख्या एक अंक में यानी 9 से भी कम है जबकि पहले हर दिन 140 जहाज गुजरते थे.

ईरान के खुद के जहाजों का क्या?

मार्च तक ईरान के अपने जहाज इस रास्ते से रोज करीब 17 लाख बैरल तेल ले जाते थे. लेकिन अब अमेरिकी नाकेबंदी के बाद ईरान का यह तेल निर्यात भी लगभग रुक गया है.

यह भी पढ़ें: होर्मुज में अमेरिका को कैसे चकमा दे रहे ईरानी जहाज? ‘देसी’ आइडिया के सामने US ब्लॉकेड बेअसर

नाकेबंदी का दायरा कितना बड़ा है?

अमेरिकी नौसेना ने एक नक्शा दिखाते हुए बताया कि यह नाकेबंदी ओमान के तट के पास रास अल हद से लेकर ईरान और पाकिस्तान की सीमा तक फैली हुई है. यानी यह एक बहुत बड़े समुद्री इलाके को कवर करती है.

अभी की स्थिति क्या है?

शुक्रवार को चार जहाज इस रास्ते से आने की कोशिश में थे जो गैर-ईरानी जगहों पर जाने वाले थे. दो बड़े जहाज ईरान से निकलकर खाड़ी के बाहर आए. लेकिन कुल मिलाकर इस रास्ते पर आवाजाही बेहद कम है. दोनों देश यानी अमेरिका और ईरान अभी नई बातचीत पर विचार कर रहे हैं इसलिए हालात और भी अनिश्चित हैं.

शलामार जहाज क्या है और यह कहां से आया?

शलामार एक पाकिस्तानी जहाज है जो पाकिस्तान नेशनल शिपिंग कंपनी का है. यह एक अफ्रामैक्स श्रेणी का तेल टैंकर है यानी यह एक बड़ा तेल ढोने वाला जहाज है. यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात के दास आईलैंड से करीब 4 लाख 50 हजार बैरल कच्चा तेल लेकर चला था. यह जहाज आधा भरा हुआ था.

इनपुट: ब्लूमबर्ग

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