‘भारत ने देख लिया, INDIA ने रोक दिया’, संविधान संशोधन बिल गिरने पर बोले राहुल गांधी – rahul gandhi reaction on women reservation bill fails in loksabha ntcpvp


महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई. इसमें संसद की 543 सीटों से बढ़ाकर 850 सीटें करने का प्रावधान था. लोकसभा में यह बिल गिर गिया जिस पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है.
राहुल गांधी ने कहा सोशल मीडिया पर लिखा- संशोधन विधेयक गिर गया. उन्होंने महिलाओं के नाम पर, संविधान को तोड़ने के लिए, असंवैधानिक तरकीब का इस्तेमाल किया. भारत ने देख लिया. INDIA ने रोक दिया. जय संविधान।.

नहीं मिले दो तिहाई बहुमत
असल में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद इस पर वोटिंग हुई. लोकसभा में 528 सांसदों ने वोट डाले, जिसमें पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े. लोकसभा में मौजूदा सांसदों की संख्या 540 है, तीन सीटें खाली हैं. बिल को पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी. 528 का दो तिहाई 352 होता है. इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया.

इससे पहले सदन में जारी हंगामेदार चर्चा के दौरान सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा.  राहुल गांधी ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा, ‘यह महिला आरक्षण बिल महिलाओं को सशक्त नहीं बनाएगा. यह शेमफुल कानून है. उन्होंने कहा कि पुराना कानून लाओ हम समर्थन देंगे. यह सिर्फ भारत के निर्वाचन क्षेत्र के नक्शे को बदलने के लिए है.’

उन्होंने कहा, ‘भारत के इतिहास में यह सबसे कड़वा सच है. मैं इसके बारे में सब जानता हूं. यह ओबीसी, दलित वर्गों के लिए क्रूरता वाला बिल है. सभी जानते हैं कि ओबीसी, दलित और महिलाओं के साथ क्या होता है.’ राहुल गांधी ने कहा-‘केंद्र ओबीसी वर्गो के भाई बहनों से अधिकार छीनना चाहती है. वे संविधान के ऊपर मनुवाद हावी करना चाहते हैं. शाह कहते हैं जातीय जनगणना शुरु हो गई है फिर कहते हैं मकानों की जाति नहीं होती. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.’

पीएम मोदी के अहंकार की हार- केजरीवाल
डिलिमिटेशन बिल के फेल होने पर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. आम आदमी पार्टी के प्रमुख केजरीवाल ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की बड़ी राजनीतिक हार बताया. केजरीवाल ने कहा कि संसद में बिल का गिरना “मोदी जी के अहंकार की हार” है. लोकतंत्र में जनता और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.यह घटना केंद्र सरकार के लिए चेतावनी है और अब उसकी “उल्टी गिनती शुरू” हो चुकी है.

प्रियंका गांधी बोलीं- बिल का पारित होना नामुमकिन था
प्रियंका गांधी ने कहा कि जिस तरीके से ये बिल उन्होंने सरकार का पेश किया था, उसका पारित होना नामुमकिन था. उन्होंने महिला आरक्षण को डिलिमिटेशन से जोड़ दिया, इसकी वजह से यह पारित नहीं हुआ.

हम महिला आरक्षण के पक्ष में लेकिन उसके साथ छिपे एजेंडे के नहीं ः अखिलेश यादव
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा- हम महिला आरक्षण के पक्ष में हैं. महिलाओं को अधिकार मिले, उन्हें सम्मान मिले. उनको राजनीति में स्थान मिले, इसके पक्ष में हैं.लेकिन जिस तरीके से बीजेपी उस बिल के साथ और चीजों को छिपा के ला रही थी, उसका विरोध है. जो वो हक छीनना चाहते थे. हम लोगों ने ऐसी लक्ष्मण रेखा खींच दी कि उसको वो पार नहीं कर पाए. अखिलेश यादव ने आगे ये भी जोड़ा कि अच्छी बात ये रही कि जो हमारे साथ थे वो इधर-उधर नहीं गए.

राजनीतिक रोटी सेंकने नहीं देंगेः इकरा हसन

वहीं सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि, हम बीजेपी को महिलाओं के नाम पर राजनीतिक रोटी नहीं सेंकने देंगे.उन्होंने कहा- आरक्षण देना है तो 543 सीटों पर दें दें. हमारे कंधे पर रख कर बंदूक चलाना चाहते थे, लेकिन इसमें सफल नहीं हुए.

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