ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता नाकाम रही. इसके बाद अब ईरान ने बताया कि अगले दौर की सीधी वार्ता के लिए फिलहाल कोई तारीख तय नहीं की गई है. ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि किसी भी अगली बैठक से पहले दोनों पक्षों के बीच Framework of Understanding पर सहमत होना जरूरी है.
दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि इस वीकेंड में ईरान से फिर से सीधी बातचीत हो सकती है. लेकिन अब ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने इन दावों को खारिज कर दिया है.
तुर्की के अंताल्या प्रांत में पत्रकारों से बात करते हुए सईद खतीबजादेह ने बताया कि जब तक ढांचे पर सहमति नहीं बन जाती, तारीख तय करना मुमकिन नहीं है. उन्होंने वार्ता में हो रही देरी के लिए अमेरिका के ‘मैक्सिमलिस्ट’ रुख को जिम्मेदार ठहराया.
खतीबजादेह ने कहा, ‘अब हम दोनों पक्षों के बीच समझ के ढांचे को अंतिम रूप देने पर ध्यान दे रहे हैं. हमें उम्मीद है, आप जानते हैं, जितनी जल्दी हम उसे अंतिम रूप दे सकें, उतनी ही जल्दी हम अगले कदम की ओर बढ़ सकते हैं. मैं सभी मीडिया से थोड़ा धैर्य रखने की अपील करता हूं और रोज चीजों में होने वाले उतार-चढ़ाव को लेकर सावधान रहने को कहता हूं. इन दिनों चीजें थोड़ी संवेदनशील हैं.’
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ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा, ‘जब तक हम ढांचे पर सहमत नहीं होते, हम तारीख तय नहीं कर सकते. जैसे ही हम सहमत होंगे, असल में प्रगति हुई थी, लेकिन फिर दूसरे पक्ष के मैक्सिमलिस्ट नजरिए ने हमें समझौते तक पहुंचने से रोक दिया, जो ईरान को अंतरराष्ट्रीय कानून में एक अपवाद बनाने की कोशिश कर रहा था.’
खतीबजादेह ने बताया कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून से अपवाद होना मंजूर नहीं करेगा. ईरान अंतरराष्ट्रीय नियमों के भीतर ही समझौता करेगा. उन्होंने आगे दोहराया कि ईरान परमाणु अप्रसार संधि (NPT) और आईएईए (IAEA) का सदस्य है और वो अपनी जिम्मेदारियों और अधिकार समझता है.
अमेरिका पर ‘धोखाधड़ी’ का आरोप
खतीबजादेह ने इस दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अस्थाई रूप से खोलने और फिर से बंद करने को लेकर कहा, ‘लेबनान के युद्धविराम स्वीकार किए जाने के बाद, हमने घोषणा की थी कि हमारे अधिकारियों और समुद्री अधिकारियों के समन्वय से वाणिज्यिक जहाजों का सुरक्षित मार्ग मुमकिन है. फिर अमेरिकी पक्ष ने ये कहकर इसे बाधित करने की कोशिश की कि ये ईरानियों को छोड़कर बाकी सबके लिए खुला है.’
ईरानी मंत्री ने बताया कि अगर अमेरिकी अपनी बात का सम्मान नहीं करने जा रहे हैं, तो उनके लिए इसके गंभीर नतीजे होंगे. खतीबजादेह ने ये तक कहा कि अमेरिकी पक्ष कूटनीति के नाम पर सिर्फ समय बर्बाद करने की कोशिश कर रहा है.
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खतीबजादेह ने इस दौरान कहा, ‘मैं आपको भरोसा दे सकता हूं कि ईरान कूटनीति के लिए बहुत ज्यादा प्रतिबद्ध है. मुद्दा ये है कि दूसरे पक्ष को अपनी मैक्सिमलिस्ट स्थिति छोड़ देनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करना चाहिए, जिसके भीतर हम कूटनीति को किसी नतीजे पर पहुंचा सकते हैं.’
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