20 अप्रैल को पाप ग्रह केतु अपने ही मघा नक्षत्र में गोचर करने वाला है. इस दिन केतु दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर मघा नक्षत्र में गोचर करेगा. इसके बाद केतु 5 दिसंबर 2026 तक इसी नक्षत्र में रहेगा और फिर अश्लेषा नक्षत्र में चला जाएगा. करीब 8 महीने की यह अवधि चार राशियों के लिए अनुकूल नहीं मानी जा रही है. ज्योतिषविदों का कहना है कि अगले 8 महीने में केतु 4 राशियों पर भारी रहेगा. इन राशि के जातकों के बने बनाए काम चौपट हो सकते हैं. कर्ज, उधार या खर्च की समस्या परेशान करेगी. धन की आवक प्रभावित हो सकती है.

मेष राशि
आर्थिक मोर्चे पर तंगी का सामना करना पड़ सकता है. धन संबंधी मामलों में जोखिम लेने से बचना होगा. सोच-समझकर निवेश करना होगा. अन्यथा बड़ी धन हानि संभव है. पेशेवर जीवन में जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान दे सकता है. प्रेम संबंधों में गलतफहमियां आ सकती हैं. विद्यार्थियों को सफलता पाने के लिए खूब मेहनत करनी  होगी.

उपाय: प्रतिदिन सुबह भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं और ‘ॐ केतवे नमः’ मंत्र का 108 बार जप करें.

वृश्चिक राशि
नौकरी, व्यापार या कामकाज में अचानक गिरावट आने की संभावना है. इससे उभर पाना आपके लिए जरा मुश्किल हो सकता है. जीवन में बड़ी उथल-पुथल हो सकती है. इसलिए संभलकर काम लें. जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ सकता है. मानसिक दबाव भी महसूस करेंगे. वरिष्ठ अधिकारियों से मतभेद के चलते आपको नुकसान उठाने पड़ सकते हैं. इस दौरान प्रतिद्वंद्वियों से भी आपको सतर्क रहने की सलाह दी जाती है.

उपाय: हनुमान जी की आराधना करें और मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें.

कुंभ राशि
कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है. ऐसे में केतु की चाल इस राशि के जातकों को और बेहाल कर सकती है. नौकरी, व्यापार नई मुश्किलों से सामना होगा. किसी भी बड़े निर्णय में जल्दबाजी से बचना जरूरी रहेगा. रिश्तों में गलतफहमी संभव है. दांपत्य जीवन और साझेदारी दोनों प्रभावित हो सकते हैं. इस दौरान लोगों से बिल्कुल न उलझें. दूसरों के वाद-विवाद से दूर रहें. सोच-समझकर ही अपनी बात रखें.

उपाय: सफेद वस्त्र दान करें और माता लक्ष्मी की पूजा करें. इससे रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी.

मीन राशि
मीन राशि पर भी शनि की साढ़ेसाती का सबसे कष्टकारी दूसरा चरण चल रहा है. ऐसे में केतु आपकी दुख-चिंता को और ट्रिगर कर सकता है. स्वास्थ्य समस्याएं  आपको परेशान कर सकती हैं. मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है. चोट-दुर्घटनाओं का आशंका रहेगी. सावधानी बरतेंगे तो इससे बचे रहेंगे. दूसरों का वाहन मांगकर बिल्कुल न चलाएं. जोखिमभरे कार्य न करें. योग, व्यायाम पर ध्यान दें. लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने का प्रयास करें.

उपाय: प्रतिदिन सुबह कुत्ते को रोटी खिलाएं और भगवान शिव का जलाभिषेक करें.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *