समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में फिर से सत्ता में लौटेगी और उन्होंने भरोसा जताया कि विपक्षी गठबंधन एकजुट रहेगा. इस दौरान उन्होंने संसद में पीएम मोदी द्वारा उन्हें ‘मित्र’ कहे जाने पर भी रिएक्ट किया.
दरअसल, अखिलेश यादव एक शादी समारोह में शामिल होने रेवाड़ी आए थे. यहां उन्होंने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अभी हो रहे विधानसभा चुनावों में हारने वाली है जिसमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है.
यूपी चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन का इशारा
मीडिया से बातचीत के दौरान, अखिलेश ने कांग्रेस के साथ गठबंधन में उत्तर प्रदेश चुनाव लड़ने की संभावना के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, “INDIA गठबंधन बना रहेगा, कांग्रेस हमारे साथ होगी.” उन्होंने आगे कहा, “हमारे लिए, मुद्दा सीटों की संख्या का नहीं है; मुद्दा जीतने की क्षमता का है. जो जीत सकते हैं, उन्हें ही टिकट मिलेगा.”
पीएम मोदी द्वारा ‘मित्र’ कहे जाने पर ली चुटकी
वहीं, संसद में पीएम द्वारा ‘मित्र’ कहे जाने के सवाल पर अखिलेश यादव ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि मैंने संसद में ही हाथ जोड़कर कहा था- ‘हमें ऐसे मित्र की जरूरत नहीं है.’
गौरतलब है कि बीते दिनों पीएम नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर संसद में एक स्पीच दी थी. इस दौरान एक मौका ऐसा आया जब उन्होंने सपा मुखिया पर चुटकी ली और उन्हें अपना दोस्त कहा. हुआ यूं कि पीएम मोदी की स्पीच के दौरान सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने अपनी चेयर से खड़े होकर कहा- आप भी पिछड़ी जाति से हैं. पिछड़ों का ध्यान नहीं रखते. ये पूरा देश देख रहा है.
इस पर पीएम ने कहा- धर्मेंद्र जी, मैं आपका बहुत आभारी हूं कि आपने मेरी पहचान करा दी. ये बात सही है कि मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं और अखिलेश जी मेरे मित्र हैं तो कभी-कभी मदद कर देते हैं. पीएम की बातों सुनकर सपा सांसद अखिलेश यादव हंसे और हाथ जोड़े. इस दौरान अखिलेश के पीछे बैठी उनकी पत्नी और सपा सांसद डिंपल यादव भी मुस्कुराती नजर आईं.
BJP पर बरसे अखिलेश
इससे पहले दिन में, समाजवादी पार्टी प्रमुख ने लखनऊ में पार्टी मुख्यालय में बोलते हुए कहा कि BJP के नेतृत्व वाले NDA को केंद्र में सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि महिलाओं के लिए आरक्षण कानून में बदलाव करने वाले संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में पारित कराने में उसकी विफलता ने यह साबित कर दिया है कि वह लोगों की इच्छा का प्रतिनिधित्व नहीं करती.
बाद में शाम को, अखिलेश यादव ने रेवाड़ी में कहा कि BJP उन राज्यों में बुरी तरह चुनाव हारने वाली है, जहां अभी चुनाव हो रहे हैं. उन्होंने कहा, “यह स्वाभाविक है कि जो सदन (संसद) में हारता है, वह बाहर भी हारता है.”
‘अहीर रेजिमेंट’ की मांग
इसके अलावा, ‘अहीर रेजिमेंट’ बनाने की संभावना के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि वह हमेशा से भारतीय सेना में इस रेजिमेंट के गठन के पक्ष में रहे हैं. उन्होंने कहा, “और सिर्फ अहीर रेजिमेंट ही नहीं, बल्कि एक ‘गुजरात रेजिमेंट’ भी होनी चाहिए, क्योंकि गुजरात से कम लोग सेना में शामिल होते हैं. इससे राज्य के लोगों को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरणा और प्रोत्साहन मिलेगा.”
महिला आरक्षण विधेयक पर सरकार पर तंज
महिलाओं के लिए आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण विधेयक पहले ही पारित हो चुका था, लेकिन जब BJP को एहसास हुआ कि उसके पास पर्याप्त संख्याबल नहीं है, तो उसने रातों-रात पुराने विधेयक को ही अधिसूचित कर दिया.
अखिलेश यादव ने कहा, “BJP विपक्ष को ‘महिला-विरोधी’ कहती है. लेकिन असलियत में, BJP ही महिला-विरोधी है.” यादव ने आगे कहा, “एक ऐसी पार्टी जिसने कभी किसी महिला को अपना प्रमुख नहीं बनाया और ‘नारी’ का नारा भी तभी दिया जब उसे वोटों की जरूरत थी, अब उसका असली चेहरा सबके सामने आ गया है.”
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