अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म होते-होते तनाव काफी बढ़ गया है. 22 अप्रैल को खत्म हो रहे सीजफायर से ठीक पहले अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी के तहत ईरानी झंडे वाले एक जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है. ईरानी जहाज पर अमेरिकी कब्जे का एक वीडियो सामने आया है जिसमें अमेरिकी मरीन हेलिकॉप्टरों से रस्सियों के सहारे उतरकर अरब सागर में ईरान के मालवाहक जहाज पर कब्जा करते दिखाई दे रहे हैं.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, मरीन सैनिक एम्फीबियस असॉल्ट शिप USS त्रिपोली (LHA 7) से रवाना हुए और 19 अप्रैल को अरब सागर के ऊपर उड़ान भरने के बाद M/V तूस्का जहाज पर सवार हुए. वीडियो में ऑपरेशन के दौरान सैनिकों को जहाज पर उतरते हुए दिखाया गया है.
CENTCOM ने कहा कि अमेरिका की तरफ से ईरानी जहाज को छह घंटे तक कई बार वॉर्निंग दी गई. जब वॉर्निंग नहीं मानी गई तो जहाज के खिलाफ कार्रवाई की गई. गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS स्प्रूएंस (DDG 111) ने पहले जहाज के स्पीड सिस्टम को निष्क्रिय किया, फिर मरीन सैनिकों ने रस्सियों के जरिए उतरकर उस पर कब्जा कर लिया.
ईरानी जहाज पर कंट्रोल को लेकर ट्रंप ने क्या कहा था?
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी बलों ने ईरानी झंडा लगे इस मालवाहक जहाज को अपनी हिरासत में ले लिया है. ट्रंप ने कहा कि ईरानी जहाज कथित तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘आज TOUSKA नाम का ईरानी झंडा लगा मालवाहक जहाज हमारी नौसैनिक नाकाबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उनके लिए यह अच्छा नहीं रहा.’ उन्होंने कहा कि जहाज ने चेतावनियों को नजरअंदाज किया और अमेरिकी मरीन ने उसे रोक लिया.
ट्रंप ने आगे कहा कि ईरानी जहाज अमेरिकी मरीन की पूरी निगरानी में है और यह जांच की जा रही है कि उसमें क्या सामान मौजूद है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जहाज को गैरकानूनी गतिविधियों की वजह से पहले ही अमेरिकी ट्रेजरी ने बैन कर दिया था. उन्होंने कहा कि बार-बार चेतावनी नजरअंदाज करने के बाद ओमान की खाड़ी में इसे रोका गया.
ईरानी जहाज को ऐसे वक्त में रोका गया है जब ईरान ने वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए अहम समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से बंद करने का दावा किया है.
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