12वीं बार मौत को दी मात! गोलीबारी के बीच भी नहीं रुका इस यूट्यूबर का लेक्चर – engineer muhammad ali mirza attack jhelum pakistan firing academy police kills attacker ntc agkp

ByCrank10

April 20, 2026 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


पाकिस्तान में एक मशहूर इस्लामिक स्कॉलर और यूट्यूबर हैं जिनका नाम है इंजीनियर मोहम्मद अली मिर्जा. रविवार को एक बंदूकधारी ने उनकी अकादमी के बाहर उन पर गोलियां चलाईं. मिर्जा बच गए, हमलावर मारा गया. और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गोलीबारी के बाद मिर्जा वापस अंदर गए और अपना लेक्चर देना जारी रखा. यह उन पर 12वां हमला बताया जा रहा है.

मोहम्मद अली मिर्जा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के जेहलम शहर के रहने वाले हैं. उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और कुछ समय इंजीनियर के तौर पर काम भी किया. बाद में वो इस्लामिक लेक्चर देने लगे और धीरे-धीरे बहुत बड़े नाम बन गए.

उनके यूट्यूब पर 31 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं. वो जेहलम में अपनी ‘कुरान और सुन्नत रिसर्च अकादमी’ चलाते हैं जहां वो नियमित रूप से लेक्चर देते हैं.

मिर्जा इतने विवादित क्यों हैं?

मिर्जा की बोलने की शैली बहुत सीधी और तीखी है. वो पाकिस्तान में धर्म के नाम पर चली आ रही पुरानी और बंटी हुई सोच को खुलकर चुनौती देते हैं. वो शिया-सुन्नी जैसे सांप्रदायिक मुद्दों पर जो मौलवी कहते हैं, उससे अलग राय रखते हैं.

इस वजह से दो तरह के लोग हैं. उनके समर्थक कहते हैं कि वो इस्लाम में सुधार की आवाज हैं, सच बोलते हैं. उनके विरोधी कहते हैं कि वो धर्म में बंटवारा और झगड़ा बढ़ा रहे हैं.

गिरफ्तारी और ईशनिंदा का मामला क्या था?

कुछ समय पहले मिर्जा के एक वीडियो में पैगंबर मोहम्मद के बारे में एक टिप्पणी थी जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. एक धार्मिक समूह ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. इस पर पाकिस्तान में ईशनिंदा यानी धर्म का अपमान करने के आरोप लगे.

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पाकिस्तान में ईशनिंदा बहुत संवेदनशील मुद्दा है और इस पर बेहद कड़े कानून हैं. मिर्जा को MPO कानून के तहत गिरफ्तार किया गया. MPO यानी ऐसा कानून जिसके तहत सरकार किसी को बिना मुकदमे के हिरासत में रख सकती है अगर लगे कि वो सार्वजनिक शांति के लिए खतरा है.
कुछ महीनों बाद मिर्जा को रिहा कर दिया गया.

इसके अलावा 2024 में मुहर्रम के दौरान सांप्रदायिक हिंसा रोकने के लिए कई मौलवियों के साथ मिर्जा पर भी उनके इलाके में भाषण देने पर पाबंदी लगाई गई थी.

अब तक कितने हमले हो चुके हैं?

मिर्जा पर हमलों की एक लंबी लिस्ट है. मार्च 2026 में एक यूट्यूब पॉडकास्ट में उन्होंने खुद बताया था कि वो 11 हमलों से बच चुके हैं. रविवार का हमला 12वां बताया जा रहा है.

कुछ बड़े हमले इस तरह हैं:

  • अक्टूबर 2017: उन पर पहला बड़ा हमला हुआ.
  • मार्च 2021: चाकू से हमला किया गया, मामूली चोटें आईं.
  • अगस्त 2023: फिर चाकू से हमला.
  • फरवरी 2026: एक शख्स ने उन्हें पकड़कर घूंसा मारा.
  • 19 अप्रैल 2026 (रविवार): जेहलम में उनकी अकादमी के बाहर गोलीबारी.

रविवार को ठीक-ठीक क्या हुआ?

रविवार को एक शख्स मिर्जा की अकादमी के बाहर पहुंचा. उसके पास 9एमएम पिस्तौल थी. वो जमीन पर लेट गया और उसने गोलियां चला दीं.

मिर्जा की सुरक्षा में तैनात पुलिस ने तुरंत जवाबी फायरिंग की. हमलावर मौके पर ही मारा गया. मिर्जा की सुरक्षा टीम का एक कांस्टेबल पैर में गोली लगने से घायल हो गया. उसे जिला हेडक्वार्टर अस्पताल ले जाया गया, और अब वो खतरे से बाहर है. मिर्जा को कोई चोट नहीं आई.

और सबसे हैरान करने वाली बात?

हमले के बाद मिर्जा वापस अंदर गए और अपना लेक्चर जारी रखा. पाकिस्तानी अखबार डाउन ने यह खबर दी.

हमलावर कौन था?

अभी तक हमलावर की पहचान और उसका मकसद पूरी तरह सामने नहीं आया है. पुलिस जांच कर रही है.

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