पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में गुरुवार को विधानसभा चुनाव हुए और दोनों राज्यों में जबरदस्त वोटिंग देखने को मिली. पश्चिम बंगाल में 92.14 फीसदी और तमिलनाडु में 84.98 फीसदी लोगों ने वोट डाला. ये आंकड़े इतने बड़े हैं कि खुद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक इतनी ज्यादा वोटिंग कभी नहीं हुई. इस दिन को ‘लोकतंत्र का सुपर गुरुवार’ कहा जा रहा है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इन नतीजों को देखकर बहुत खुश हुए. उन्होंने कही कि 1947 में देश आजाद होने के बाद से आज तक देश में इतने बड़े पैमाने पर वोटिंग कभी नहीं देखी गई. यानी ये एक ऐतिहासिक दिन था.
बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी ने क्या कहा?
कोलकाता में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रावल ने वोटिंग को लेकर अहम जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि इस बार पोलिंग स्टेशनों की सुरक्षा पूरी तरह केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) के हाथ में थी. यानी सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत रखी गई थी. उनके मुताबिक, इसी वजह से लोग बिना किसी डर के बाहर निकलकर वोट डालने पहुंचे. लोगों को सुरक्षा का भरोसा था, इसलिए मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हुआ.
ये इतना खास क्यों है?
आमतौर पर चुनावों में लोगों की उदासीनता एक बड़ी समस्या होती है. बहुत से लोग वोट डालने नहीं जाते. लेकिन इस बार दोनों राज्यों में लोग भारी संख्या में घरों से निकले और लाइन लगाकर वोट डाला. 92 फीसदी से ऊपर वोटिंग का मतलब है कि लगभग हर घर से कोई न कोई वोट डालने गया.
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वोटिंग हुई कहां और कितनी?
इस बार दो बड़े राज्यों में एक ही दिन चुनाव हुए. पश्चिम बंगाल में 92.14 फीसदी वोटिंग हुई यानी 100 में से करीब 92 लोग वोट डालने गए. तमिलनाडु में 84.98 फीसदी वोटिंग हुई यानी 100 में से करीब 85 लोग. दोनों ही आंकड़े बेहद शानदार हैं.
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