मंगलवार का दिन था, दिल्ली शांत थी. टीवी पर भी बंगाल चुनाव और युद्ध की खबरे ज्यादा चल रही थी. मैं नई दिल्ली इलाके में एक पुलिस अधिकारी के पास बैठा था, तभी मेरे एक सोर्स का फोन आया, उस वक्त दोपहर के ठीक 12 बजे थे. मैंने बिना वक्त गवाएं तुरन्त फोन उठाया. सोर्स ने कहा- दिल्ली में अमर कॉलोनी जाइए, किसी अधिकारी की बेटी हत्या और शायद सेक्सुअल असाल्ट भी है.
मैंने बिना वक्त गवाएं संबंधित अधिकारियों को कॉल करने शुरू कर दिया और अमर कॉलोनी पुलिस स्टेशन की तरफ चल दिया. अधिकारियों के फोन लगातार बीजी आ रहे थे. बाकी कहीं से कोई जानकारी सामने नहीं आ रही थी. तकरीबन 20 मिनट बाद पहली जानकारी मिली कि कैलाश हिल्स, IRS अधिकारी. यकीन नहीं हुआ कि इतने बड़े अधिकारी के घर ऐसा हादसा कैसे संभव है. लेकिन इसके बाद इलाके के एक बड़े अधिकारी ने खबर कन्फर्म कर दी.
पहली खबर जो मैंने दफ्तर में बताई वो कुछ इस तरह की थी- ‘दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके में IRS अधिकारी की बेटी की हत्या. मृतक युवती की उम्र करीब 22 साल है. शुरूआती जानकारी में सेक्सुअल एसाल्ट की बात भी सामने आई है. मोबाइल चार्जिंग केबल से गला घोंटकर की गई हत्या. पुराने नौकर पर हत्या का शक, जिसके करीब डेढ़ महीने पहले नौकरी से हटाया था. पुलिस को बुधवार सुबह मिली मामले की जानकारी.’
जाहिर है खबर बेहद संवेदनशील थी. खबर ब्रेक होते ही मेरा आजतक पर फोनो हुआ और इसी दौरान मैं मौके पर पहुंच गया. वहां घर के बाहर पुलिस की अच्छी खासी मौजूदगी थी. पुलिस ने एक रास्ता बंद कर दिया था. ताकि जांच में जुटे अधिकारियों को दिक्कत न हो. मौके पर एफएसएल की टीम, क्राइम टीम और तमाम अधिकारी पहुंचे हुए थे. कोई आसपास के सीसीटीवी खंगाल रहा था, तो एक टीम पास के पार्क में सुराग तलाश रही थी.
दोपहर 1 बजे तक ये बात बिल्कुल साफ हो चुकी थी कि आरोपी कोई और नहीं बल्कि परिवार का पुराना नौकर राहुल मीणा था. राहुल के खिलाफ अगल-बगल के दुकानदारों से मिली शिकायत के बाद इसे होली के आसपास नौकरी से निकाल दिया गया था. नौकरी से निकाले जाने के बाद राहुल राजस्थान के अलवर स्थित अपने पैतृक गांव चला गया था. लेकिन पुलिस सूत्रों की मानें तो राहुल को ऑनलाइन जुए की लत लग गई थी. और इस लत ने इसे कर्जदार बना दिया था.
मौके पर ही हमें जानकारी मिली कि आरोपी की तलाश में जब दिल्ली पुलिस अलवर पहंची तो उन्हें पता लगा कि अपने दोस्त की पत्नी के साथ दुष्कर्म करने के बाद आरोपी राहुल अलवर से फरार हुए था. और ठीक उसी दिन उसने दिल्ली में वारदात को अंजाम दिया, जिस दिन उसके खिलाफ अलवर में रेप की एफआईआर दर्ज हुई.
अलवर पुलिस से बचते हुए राहुल दिल्ली भाग आया. यहां आकर वह पीड़िता के घर के पास एक पार्क में करीब आधे घंटे तक छिपा रहा. इसके बाद का घटनाक्रम कुछ इस तरह है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तय टाइमलाइन के अनुसार-
-आरोपी सुबह 6:24 बजे घर में प्रवेश करता हुआ दिखाई देता है.
-आरोपी 7:22 बजे घर से बाहर निकलता है.
-इस तरह आरोपी ने पीड़िता के घर में लगभग 58 मिनट बिताए.
-इस एक घंटे के दौरान उसने कथित तौर पर लड़की के साथ यौन उत्पीड़न किया और उसकी हत्या कर दी.
-आरोपी ने घर में लूटपाट की भी की.
-इसके बाद वह पार्क की ओर भाग गया.
मौके पर आसपास लोगों की भारी भीड़ लग गई. वजह थी पीड़िता के प्रति लोगों की संवेदना. पीड़ता आईआईटी दिल्ली की छात्रा थी और आगामी मई में यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी में कर रही थी. सभी को उम्मीद थी कि वह पहले ही एटेम्पट में परीक्षा पास कर जाएगी, लेकिन इस खूबसूरत जिंदगी का इतना दर्दनाक अंत की शायद ही किसी ने कल्पना की हो.
परिवार पूरी तरह टूट चुका है. हादसे के वक्त घर पर कोई नही था. साढ़े आठ बजे के करीब जब माता-पिता जिम से आए तो उन्होंने बेटी को खून से लथपथ देखा और तुरंत हॉस्पिटल ले गए, लेकिन बेटी की मौत तो पहले ही हो चुकी थी. सिर पर चोट के अलावा गला दबाने के निशान थे. आशंका जताई गई कि जब वो बेहोश थी तो उसके साथ गलत हरकत की गई.
देर शाम जब पोस्टमार्टम के बाद बॉडी घर आई तो तभी आरोपी के द्वारका से पकड़े जाने की खबर भी आई. आरोपी भागकर द्वारका के एक होटल के रूम में छिपकर बैठा था. पुलिस का कहना है कि उनके पास आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत है जिनके आधार पर कोर्ट में ये साबित होगा कि किस बेरहमी से राहुल ने उस घर को अपना निशाना बनाया, जहां उसे 8 महीने काम करने का मौका मिला था.
शायद यही वजह है कि आरोपी बड़ी आसानी से पहले बिल्डिंग में दाखिल हुआ और फिर फ्लैट में, क्योंकि उसे पता था कि नौकरों के लिए घर की एक चाबी गेट के बाहर छिपाकर रखी जाती है. उसी चाबी को खोजकर राहुल घर मे दाखिल हुआ और फिर सीधे ऊपर पीड़िता के कमरे में पहुंचा और उसे अपना शिकार बनाया.
बुधवर के दिन पुलिस ने राहुल को मेडिकल के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उसकी चार दिन की पुलिस रिमांड मंजूर हो गई. इन चार दिनों में पुलिस तमाम सबूतों को जोड़ने का काम करेगी.
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