वाराणसी के कोतवाली थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रेप, पहचान छिपाकर शादी और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोपी पुलिस हिरासत से फरार हो गया. आरोपी की पहचान आफताब अंसारी उर्फ अमित कुमार के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार वह बयान दर्ज कराने के दौरान थाने से भाग निकला. इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और आरोपी की तलाश में कई टीमें लगा दी गई हैं.
पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, वह कोतवाली क्षेत्र के कतुआपुरा इलाके की रहने वाली है और अनुसूचित जाति समुदाय से आती है. परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और हरिजन बस्ती कतुआपुरा में रहता है. पीड़िता शादी-विवाह और अन्य समारोहों में परिचारिका (वेटर) का काम करती है. अप्रैल 2024 में एक विवाह समारोह के दौरान उसकी मुलाकात आफताब अंसारी से हुई, जिसने खुद को हिंदू बताकर अपना नाम अमित कुमार बताया और कहा कि वह वेटरों को काम दिलाने का ठेका लेता है.
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काम दिलाने का भरोसा देकर आरोपी ने पीड़िता से मोबाइल नंबर लिया और लगातार संपर्क में रहने लगा. धीरे-धीरे उसने दोस्ती बढ़ाई और पीड़िता को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया. आरोप है कि काम दिलाने के बहाने वह उसे कई बार कैंट स्थित एक होटल में ले गया और उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए.
पहचान छिपाकर मंदिर में शादी, परिवार को दिया धोखा
पीड़िता के अनुसार आरोपी ने कभी भी अपना असली नाम, धर्म और पता नहीं बताया और हमेशा हिंदू बनकर मिलता रहा. इसी दौरान उसने पीड़िता के परिवार का भरोसा जीत लिया. 25 मार्च 2025 को वाराणसी के चौकाघाट स्थित काली मंदिर में दोनों की शादी कराई गई, जिसमें पीड़िता के परिवार वाले मौजूद थे.
शादी में आरोपी की ओर से कोई परिजन मौजूद नहीं था. उसने अपने 4–5 परिचितों को परिवार का सदस्य बताकर शादी कराई. पीड़िता के माता-पिता ने लगभग एक लाख रुपये नगद दिए और एक लाख रुपये खर्च कर शादी संपन्न कराई.
शादी के बाद आरोपी पीड़िता को अपने घर नहीं ले गया और उसे लहरतारा की नई बस्ती में किराए के कमरे में रखने लगा. कुछ दिनों बाद पीड़िता को पता चला कि जिससे उसकी शादी हुई है वह हिंदू नहीं बल्कि मुस्लिम है और उसका असली नाम आफताब अंसारी है.
विरोध करने पर मारपीट और धर्म परिवर्तन का दबाव
पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी ने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी. आरोप है कि वह लगातार उस पर धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बनने का दबाव डालने लगा. इसी दौरान आरोपी उसे अपने गांव रसूलपुर हरहुआ स्थित घर ले गया.
पीड़िता का आरोप है कि वहां उसके पिता नवी रसूल, मां गंगाजली और भाई मिठू अंसारी ने भी उसके साथ मारपीट की और मुस्लिम धर्म स्वीकार करने का दबाव बनाया. परिवार ने धमकी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो उसके पिता और भाई को मरवा दिया जाएगा.
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे करीब एक महीने तक अपने घर में बंधक बनाकर रखा और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया. इसी दौरान आरोपी के भाई मिठू अंसारी ने भी उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए.
बयान दर्ज कराने आया आरोपी, पुलिस को देकर चकमा हुआ फरार
एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी को उसका वकील बयान दर्ज कराने के लिए कोतवाली थाने लेकर आया था. बयान दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी, तभी आरोपी को पता चला कि उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा.
इसकी जानकारी मिलते ही आरोपी पुलिस को गुमराह कर थाने से फरार हो गया. पुलिस को जब तक इसकी जानकारी हुई, तब तक वह मौके से भाग चुका था. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी गई हैं और लगातार दबिश दी जा रही है.
पुलिस ने बताया कि आरोपी का पिता सह-आरोपी है और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है. थाने की लापरवाही के सवाल पर एसीपी ने कहा कि जांच के बाद उच्च अधिकारी निर्णय लेंगे और सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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