नोएडा हिंसा पर श्रम मंत्री अनिल राजभर का बड़ा बयान, कहा- साजिश के पीछे हो सकता है PAK कनेक्शन – Noida Workers Violence Pakistan Link Planned Conspiracy UP Minister Anil Rajbhar Lclam


उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने सोमवार को नोएडा में हुई श्रमिक हिंसा को राज्य के विकास को बाधित करने की एक सुनियोजित साजिश बताया. यह बवाल वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सेक्टर 60, 62 और फेज-2 जैसे इलाकों में हुआ, जहां आगजनी और पथराव से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा.

हाल ही में मेरठ और नोएडा से पकड़े गए चार संदिग्ध आतंकियों के तार पाकिस्तान से जुड़े होने के कारण एजेंसियां अब इस हिंसा में बाहरी ताकतों की भूमिका की गंभीरता से जांच कर रही हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर बातचीत के जरिए स्थिति को सामान्य बनाने और मजदूरों की समस्याओं को सुलझाने में जुटे हैं.

आतंकी कनेक्शन और गहरी साजिश का शक

श्रम मंत्री अनिल राजभर ने अपने बयान में सोमवार रात कहा कि यह घटना महज एक विरोध प्रदर्शन नहीं है. हाल के दिनों में मेरठ और नोएडा से चार संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई है, जिनके हैंडलर पाकिस्तान में बैठे थे. इस पृष्ठभूमि में राज्य में अस्थिरता पैदा करने की साजिश की आशंका को बल मिलता है. मंत्री ने अंदेशा जताया कि इस अशांति का मकसद मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में बाधा डालना भी हो सकता था.

नोएडा के कई सेक्टरों में हुआ भारी बवाल

वेतन वृद्धि की मांग कर रहे फैक्ट्री वर्करों का प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक हो गया. नोएडा के फेज-2, सेक्टर 60, 62 और 84 में उपद्रवियों ने वाहनों को आग के हवाले कर दिया और जमकर तोड़फोड़ की. पत्थरबाजी की घटनाओं के कारण प्रमुख रास्तों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया. राजभर ने स्पष्ट किया कि अराजकता और उग्र प्रदर्शन किसी भी समस्या का समाधान नहीं हैं और सरकार मजदूरों की हर जायज बात सुनने को तैयार है.

मजदूरों से शांति की अपील और सरकारी कदम

मंत्री ने श्रमिकों से किसी भी तरह के बहकावे या उकसावे में न आने की अपील की है. उन्होंने कहा कि ‘श्रमेव जयते’ के संकल्प के साथ सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है. फिलहाल नोएडा में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है. प्रशासनिक अधिकारी सीधे मजदूरों से संवाद कर रहे हैं ताकि उनकी शिकायतों का निवारण किया जा सके. सरकार का जोर अब बातचीत के जरिए शांति बहाली पर है.

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