नया घर बनवाते समय अक्सर लोगों के लिए यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि उसकी नींव किस दिशा में रखें. कुछ लोग हमेशा ईशान कोण से नींव रखने की बात करते हैं तो कुछ अग्नि कोण से. लेकिन आपको मालूम होना चाहिए कि नींव रखने की दिशा हमेशा एक नहीं होती है. नींव किस दिशा से रखी जाए, यह सूर्य गोचर या उसकी चाल पर निर्भर करता है.
वास्तु के अनुसार, सर्प का संबंध भूमि की ऊर्जा और कुंडलिनी शक्ति से होता है. सर्प को कुंडलिनी शक्ति का प्रतीक माना गया है, जो मानव शरीर की सोई हुई आध्यात्मिक ऊर्जा है. वहीं भूमि में नागों का वास माना जाता है. मान्यता है कि धरती को धारण करने वाले सर्प के मुख और पूंछ की दिशा सूर्य गोचर के अनुसार बदलती रहती है. इसलिए जिस दिशा में सर्प का मुख या पूंछ आ रही हो, उस दिशा में घर की नींव रखना घातक हो सकता है. ऐसे में कोई न कोई अनहोनी अवश्य देखने को मिलती है.
घर की नींव से सूर्य का कनेक्शन
1. सूर्य जब सिंह, कन्या और तुला राशि में गोचर करे तब सर्प का मुख ईशान (नॉर्थ-ईस्ट) कोण और पूंछ नैऋव्य (साउथ-वेस्ट) कोण में मानी जाती है. इन दौरान दक्षिण-पूर्व दिशा से नींव रखना शुभ होता है.
2. वृश्चिक, धनु और मकर राशि में सूर्य गोचर के समय सर्प का मुख नॉर्थ-वेस्ट और पूंछ साउथ-ईस्ट दिशा में रहती है. इस समय नॉर्थ-ईस्ट (ईशान कोण) से नींव रखना शुभ रहता है.
3. कुंभ, मीन और मेष राशि में सूर्य गोचर के समय सर्प का मुख साउथ-वेस्ट और पूंछ नॉर्थ-ईस्ट दिशा में रहती है. इस समय नॉर्थ-वेस्ट दिशा से नींव रखना शुभ होता है.
4. वृषभ, मिथुन और कर्क राशि में सूर्य गोचर के समय सर्प का मुख साउथ-ईस्ट और पूंछ नॉर्थ वेस्ट दिशा में रहती है. इस समय पर साउथ-वेस्ट दिशा से नींव का रखना शुभ माना जाता है.
सर्प के मुख या पूंछ पर नींव रखने के नुकसान
वास्तु शास्त्र के अनुसार, सर्प के मुख वाले भाग से नींव रखने पर घर में किसी की मृत्यु तक की घटनाओं को देखा गया है. इसलिए सर्प से मुख वाले स्थान से कभी नींव नहीं रखनी चाहिए. पूंछ वाले भाग से नींव रखने पर छोटी-छोटी समस्याएं आती हैं. वहीं, सर्प के मध्य भाग या घर के मध्य भाग से नींव रखने पर काम बीच में ही रुक जाते हैं. मंगलवार के दिन कभी नींव या घर का निर्माण कार्य शुरू नहीं करवाना चाहिए.
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