Gurbax Singh Grewal death: ओलंपिक मेडलिस्ट भारतीय हॉकी लीजेंड का निधन, खेल जगत में शोक की लहर – gurbax singh grewal death hockey 1968 olympic bronze medalist legend india hockey tspok

ByCrank10

April 25, 2026 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


भारतीय हॉकी जगत से एक दुखद खबर सामने आई है. 1968 ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे दिग्गज खिलाड़ी गुरबख्श स‍िंह ग्रेवाल (Gurbax Singh Grewal) का निधन हो गया है. वह 84 वर्ष के थे.

समचार एजेंसी PTI के मुताबिक, ग्रेवाल ने जीरकपुर में हार्ट अटैक के चलते शुक्रवार को अंतिम सांस ली. उनके निधन से भारतीय खेल जगत, खासकर हॉकी समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है.

ग्रेवाल भारतीय टीम के उस गौरवशाली दल का हिस्सा थे जिसने 1968 ओलंप‍िक में देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता था. खास बात यह रही कि उसी ओलंपिक में उनके भाई बलवीर सिंह ग्रेवाल ने भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था. ओलंपिक इतिहास में यह बेहद दुर्लभ मौका था जब दो सगे भाई एक साथ भारतीय हॉकी टीम में खेले.

खेल के बाद भी जारी रहा योगदान
अपने इंटरनेशनल करियर के बाद भी ग्रेवाल ने हॉकी से नाता नहीं तोड़ा. उन्होंने पश्च‍िमी रेलवे में सीनियर स्पोर्ट्स ऑफिसर के रूप में काम किया और कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पहचान कर टीम में शामिल कराया, खासकर राजस्थान के खिलाड़ियों को मौका दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही.
मुंबई में रिटायरमेंट के बाद भी वह खेल प्रशासन में सक्रिय रहे. उन्होंने मुंबई हॉकी एसोस‍िएशन के मानद सचिव के रूप में काम किया और हॉकी के विकास में योगदान दिया.

हॉकी इंड‍िया ने जताया शोक
हॉकी इंड‍िया ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया. अपने आधिकारिक बयान में संगठन ने कहा कि ग्रेवाल ने मैदान और मैदान के बाहर भारतीय हॉकी की सेवा पूरी निष्ठा से की. उनका योगदान और विरासत हमेशा याद रखी जाएगी.ग्रेवाल का जाना भारतीय हॉकी के एक स्वर्णिम अध्याय के अंत जैसा है, लेकिन उनके योगदान और यादें हमेशा खेल प्रेमियों के दिलों में जिंदा रहेंगी.

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