नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन अब हिंसा में बदलता जा रहा है. कर्मचारी लगातार 12 हजार की सैलरी को 20 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं. अब इस मामले में नोएडा की डीएम मेधा रूपम की एंट्री हो गई है. लोग उनके ऊपर सवाल उठा रहे थे कि इस मामले में उन्होंवे कोई एक्शन नहीं लिया. प्रदर्शन को हिंसा में बदलने से पहले डीएम मेधा रूपम ने कर्मचारियों से अपील की थी कि शांति बनाएं रखें, बैठकें चल रही हैं. उन्होंने मजदूरों की ओवरटाइम सैलरी पर अपनी बात रखी जिसे लेकर सोशल मीड‍िया पर उनकी खूब चर्चा हो रही हैं. आइए जानते हैं नोएडा की डीएम मेधा रूपम के बारे में.

कौन हैं मेधा रूपम?

बता दें कि मेधा रूपम नोएडी की डीएम और देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं. वह यूपी कैडर की 2014 की आईएएस ऑफिसर हैं.

कहां से की पढ़ाई?

मेधा रूपम ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बीए(ऑनर्स) की पढ़ाई की है. इतना ही नहीं उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2013 में ऑल इंडिया रैंक 10 हासिल की थी. इसके बाद 2025 में उन्हें नोएडा की जिलाधिकारी पद दिया गया था. इससे पहले वह मेरठ, बागपत जैसे जिलों में भी काम कर चुकी हैं.

कर्मचारी के लिए फैसले

डीएम मेधा रूपम ने कर्मचारियों के लिए कई फैसले लिए हैं. उन्होंने बताया कि श्रमिकों को ओवरटाइम का भुगतान दोगुना कर दिया जाएगा. उसमें कोई कटौती नहीं होगी. हर श्रमिक को हफ्ते में एक छुट्टी दी जाएगी. अगर कोई कंपनी रविवार को काम कराया जाता है तो उसका भुगतान भी दोगुनी दर से किया जाएगा. वहीं, नियमों के मुताबिक, बोनस का भुगतान अधिकतम 30 नवंबर तक उनके बैंक खातों में कर दिया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि हर कारखाने में यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति गठित की जाएगी. इतनी ही नहीं वह अभी कुछ टाइम पहले भी चर्चा में आई थी जब उन्होंने ग्रेटर नोएडा के अनिल भाटी के घर में बेटी की शादी के लिए गैस सिलेंडर का इंतजाम करवाया था, जब देशभर में कहीं गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा था.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *