झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच बुधवार सुबह से भीषण मुठभेड़ जारी है. छोटानागरा थाना क्षेत्र में शुरू हुई इस कार्रवाई में तीन नक्सलियों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है. पुलिस और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी है, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है.

जानकारी के मुताबिक यह मुठभेड़ बुधवार सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई, जब सुरक्षाबलों को सारंडा के घने जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली. इसके बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इसी दौरान जवानों का आमना-सामना नक्सलियों के एक दस्ते से हो गया. देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई. इस अचानक हुई मुठभेड़ ने पूरे इलाके को अलर्ट मोड में डाल दिया. सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू की.

बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को देखते ही उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. इसके जवाब में जवानों ने भी रणनीतिक तरीके से जवाबी फायरिंग की. इस दौरान तीन नक्सलियों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है. हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है. अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन जारी है और पूरी स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा. मुठभेड़ के दौरान इलाके में भारी गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं.

पश्चिम सिंहभूम जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) ने जानकारी देते हुए बताया कि सारंडा जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी है. उन्होंने कहा कि सुरक्षाबल पूरी सतर्कता के साथ ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं. साथ ही इलाके में अतिरिक्त बलों की तैनाती भी की गई है ताकि नक्सलियों को घेरकर खत्म किया जा सके. एसपी के अनुसार, ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही पूरी जानकारी साझा की जाएगी. फिलहाल प्राथमिकता जवानों की सुरक्षा और नक्सलियों को निष्क्रिय करना है.

सारंडा जंगल लंबे समय से नक्सल गतिविधियों का गढ़ माना जाता रहा है. हाल के दिनों में यहां नक्सलियों की गतिविधियों में कमी आई है, लेकिन समय-समय पर ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इस क्षेत्र में अब करीब 50 से भी कम नक्सली सक्रिय बचे हैं. इनका नेतृत्व कुख्यात नक्सली नेता मिसिर बेसरा के हाथों में बताया जाता है. इन बचे हुए नक्सलियों को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है.

मुठभेड़ के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं और किसी भी अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. साथ ही पुलिस लगातार इलाके की निगरानी कर रही है. जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की भी तैयारी की गई है. पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देशभर में नक्सलवाद के खात्मे के लिए तय की गई समयसीमा के बाद झारखंड में अभियान और तेज कर दिया गया है. सारंडा जंगल, जो कभी नक्सलियों का मजबूत ठिकाना माना जाता था, अब सुरक्षाबलों के लिए प्राथमिक टारगेट बना हुआ है. हजारों की संख्या में जवान यहां लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि जल्द ही इस क्षेत्र को पूरी तरह नक्सल मुक्त कर लिया जाएगा.

फिलहाल, सारंडा जंगल में हाई अलर्ट जारी है और सुरक्षाबल नक्सलियों की तलाश में सघन अभियान चला रहे हैं. मुठभेड़ कब तक चलेगी, यह अभी साफ नहीं है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं. अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन के खत्म होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. इस बीच, इलाके में शांति बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं. आने वाले समय में इस ऑपरेशन के और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं.

(चाईबासा से जय कुमार तांती का इनपुट)

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *