महाराष्ट्र के नासिक में एक मल्टी नेशनल (MNC) आईटी कंपनी में महिलाओं पर टॉर्चर और दबाव के ताजा मामले के बीच अब पंचवटी इलाके से एक और सनसनीखेज घटना सामने आई है. पंचवटी पुलिस स्टेशन में संदिग्ध आरोपी तंजीर इनामदार के खिलाफ एक युवती को शराब पिलाकर यौन शोषण करने, उसके धार्मिक प्रतीकों का अपमान करने और ‘गजवा ए हिंद’ के नाम पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का मामला दर्ज किया गया है.

मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी तंजीर इनामदार पीड़िता को अलग-अलग स्थानों पर ले गया, जहां उसने जबरदस्ती उसे शराब और सिगरेट पिलाई. इसके बाद उसके साथ यौन शोषण किया गया. आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता के गले में पहनी तुलसी की माला और हाथ में बंधे धार्मिक धागे तोड़कर फेंक दिए. पीड़िता का यह भी कहना है कि आरोपी ने ‘गजवा ए हिंद’ के नाम पर उसे एक विशेष धर्म के रीति-रिवाज अपनाने और धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया.

पीड़िता के अनुसार, जनवरी 2026 में आरोपी ने उसकी गर्दन पर दांत से काटकर तस्वीरें खींचीं. बाद में इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे दोबारा लॉज में ले जाया गया, जहां उसके साथ फिर दुष्कर्म किया गया. लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर अंततः पीड़िता ने पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई.

क्या अन्य लड़कियों के साथ भी थे संबंध?
पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने इसी तरह अन्य लड़कियों को भी अपने जाल में फंसाया हो सकता है. फिलहाल एक ही पीड़िता सामने आई है, लेकिन मामले का दायरा बड़ा होने की संभावना जताई जा रही है. पंचवटी पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है. आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 22 अप्रैल तक 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है.

घटना के बाद शहर में ‘लव जिहाद’ और जबरन धर्मांतरण को लेकर बहस तेज हो गई है. नासिकजो एक शांत और धार्मिक शहर के रूप में जाना जाता है, ऐसे मामलों के कारण उसकी छवि पर सवाल उठ रहे हैं.

मामले की सुनवाई के दौरान इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर बी. टी. अगवाने (पुलिस इंस्पेक्टर, पंचवटी पुलिस स्टेशन) से जज ने पूछा कि क्या आरोपी की पुलिस से कोई शिकायत है, क्या उसने अन्य लोगों को भी धोखा दिया है और क्या उसे किसी तरह की वित्तीय मदद मिली है. साथ ही, उसे जहां-जहां ले जाया गया, उन सभी स्थानों की जांच के निर्देश दिए गए.

दांत से काटता फिर ‘लव बाइट’ बताता आरोपी
सरकारी वकील एडवोकेट मनीषा वारुंगसे ने दलील दी कि जांच में यह पता लगाया जाना चाहिए कि क्या आरोपी ने अन्य लड़कियों को भी इसी तरह फंसाया. साथ ही, अलग-अलग लॉज में ले जाने, महंगी शराब और अन्य खर्चों के लिए उसके पास पैसा कहां से आया, इसकी भी जांच जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी कथित तौर पर लॉज में पीड़िता की गर्दन काटता था और मना करने पर इसे ‘लव बाइट’ बताता था. साथ ही, अपने धर्म के नाम पर ‘गजवा ए हिंद’ की बात करता था. उन्होंने इस मामले को किसी बड़े कॉर्पोरेट केस से जुड़े होने की आशंका भी जताई.

वहीं, आरोपी के वकील एडवोकेट स्वप्निल रामचंद्र जाधव ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि सिगरेट और शराब पिलाने का कोई सबूत नहीं है और आरोपी पर झूठे आरोप लगाए गए हैं. बचाव पक्ष ने इसे आपसी प्रेम संबंध का मामला बताते हुए कहा कि दोनों के बीच पिछले दो साल से संबंध थे. परिवार को जानकारी होने के बाद दबाव में आकर यह केस दर्ज कराया गया. उन्होंने यह भी कहा कि ‘प्यार धर्म देखकर नहीं होता’ और आरोपी को गलत तरीके से फंसाया जा रहा है.

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इनपुट- प्रवीण ठाकरे



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