घर के साथ व्यवसायिक स्थल का वास्तु भी आपकी तरक्की और समस्याओं के लिए जिम्मेदार होता है. अक्सर लोग सिर्फ घर को वास्तु दोष रहित रखने पर ही ध्यान देते हैं. यदि आप व्यवसायी हैं तो आपके ऑफिस, फैक्ट्री या दुकान का वास्तु भी आपकी कामयाबी के रास्ते को प्रभावित कर सकता है. खासतौर से व्यवसायिक स्थल के प्रवेश द्वार के वास्तु दोष को सबसे पहले दूर करना चाहिए.
व्यवसायिक स्थल पर उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम का प्रवेश द्वार सबसे खतरनाक होता है. यदि आपके व्यवसायिक स्थल पर इन दो दिशाओं में प्रवेश द्वार या टॉयलेट है तो आपको कभी व्यापार में सफलता नहीं मलेगी. दिन-रात मेहनत करने के बावजूद बिजनेस में ग्रोथ नहीं होगी. इसके कारणों को समझ पाना भी आपके लिए मुश्किल होगा.
उत्तर-पश्चिम का का प्रवेश द्वार
व्यवसायिक स्थल पर उत्तर-पश्चिम का प्रवेश द्वार आपके प्रतिद्वंदियों की तरक्की करवाता है. आपका व्यापार और ग्राहक धीरे-धीरे घटने लगते हैं. आप कारण भी नहीं समझ पाएंगे और आपके प्रतिद्वंदी आपसे आगे निकल जाएंगे. आपके व्यापार में सबकुछ अच्छा होने के बावजूद प्रोडक्ट में एक आकर्षण की कमी रहेगी. संभवत: आपके व्यापार का ग्राफ धीरे-धीरे नीचे पहुंच जाएगा. आपके व्यवसायिक स्थल पर नौकर-चाकर और कर्मचारी चोरी भी कर सकते हैं. यदि आप भी कुछ इसी तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं तो अपने व्यवसायिक स्थल के उत्तर-पश्चिम दिशा पर गौर करें. यहां टॉयलेट और रसोई का होना मुश्किल में डाल सकता है. हरा और लाल रंग भी परेशानियां दे सकता है.
दक्षिण-पश्चिम का प्रवेश द्वार
व्यवसायिक स्थल पर दक्षिण-पश्चिम दिशा का प्रवेश द्वार आपको कर्जों में डाल देगा. यदि इस दिशा में गड़बड़ है तो व्यापार चलने के बाद भी मुनाफा नहीं दिखेगा. कहीं न कहीं से नुकसान होता रहेगा. संभव है कि आपके फाइनल प्रोडक्ट की क्वालिटी बेहतर न हो पाए और ऑर्डर कैंसिल हो जाए. यानी आपके उत्पाद की गुणवक्ता के कारण व्यापार में परेशानी आ रही है तो दक्षिण-पश्चिम दिशा को अवश्य चेक करें. इस दिशा में टॉयलेट, सैप्टिक टैंक, हरा, काला या नीला रंग भी आपके व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.
क्या करें उपाय?
व्यवसायिक स्थल पर गलती से भी दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा में प्रवेश द्वार न रखें. इसके लिए प्रॉपर व्यवसायिक स्थल के नक्शे पर ग्रिडिंग होना जरूरी है. इन दिशाओं में टॉयलेट भी नहीं होना चाहिए. दक्षिण-पश्चिम दिशा में किसी भी रूप में हरा, काला, नीला रंग नहीं होना चाहिए. वहीं उत्तर-पश्चिम दिशा में हरा या लाल रंग नहीं होना चाहिए.
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